Water logging in Bhagalpur in the very first rain of monsoon, condition of smart city goes worse | हाथी डूब जाने इतने गहरे 19 हथिया नाले किसी काम के नहीं, हर इलाके में जमा हो गया है बरसात का पानी

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भागलपुर33 मिनट पहले

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भागलपुर में सड़क पर जमा नाले के पानी से गुजर रहे लोग। - Dainik Bhaskar

भागलपुर में सड़क पर जमा नाले के पानी से गुजर रहे लोग।

जरा-सी मानसून की आहट क्या हुई, स्मार्ट सिटी भागलपुर की पोल खुल गई। मामला भागलपुर शहरी आबादी के दक्षिणी इलाके का है, जहां जलजमाव से स्थिति भयावह हो गई है। हल्की सी बारिश के बाद भागलपुर का पॉश एरिया भी पानी-पानी हो गया है। भागलपुर के भोलानाथ पुल, शहर के सीमा क्षेत्र बौंसी पुल और शहर की हृदयस्थली कहे जाने वाले सैंडिस पार्क में पानी लग गया है। नाला सफाई नहीं होने से पानी का बहाव सड़कों से ही हो रहा है। उसी घुटने भर पानी के बीच होकर लोग शवों का दाहसंस्कार करने बरारी घाट जाते हैं।

40 सालों से नहीं हुई हथिया नाले की सफाई
वार्ड नंबर 51 के पार्षद प्रतिनिधि शशि मोदी ने बताया कि इस जलजमाव का मुख्य कारण नगर निगम की लापरवाही है। शहर के 19 हथिया नाले की सफाई पिछले 40 सालों से नहीं हुई है। भागलपुर शहरी आबादी के आधे हिस्से की जलनिकासी दक्षिणी इलाके से होती है और यह जिस रास्ते से होती है, वह विगत 40 वर्षों से साफ ही नहीं हुई। उन्होंने कहा कि इसके लिए कई बार नगर निगम में इस मुद्दे को उठाया गया, लेकिन नगर निगम के अधिकारी ने इस पर कभी कोई ध्यान ही नहीं दिया।

कहां-कहां है हथिया नाला

  • शहर में जलजमाव की स्थिति न हो, इसी के लिए हथिया नाला बनाया गया। इसकी गहराई ऐसी होती है कि इसमें बड़े-बड़े हाथी समा जाएं। शहर में मुख्य रूप से आदमपुर, कोयालाघाट, हनुमान घाट (बरारी ), छोटी खंजरपुर , बड़ी खंजरपुर, साहेबगंज, बुधानाथ, वार्सली गंज ,छटपटी पोखर , बरह्पुरा, कुर्थिबाडी, चम्पानाला पुल ,विश्व विद्यालय के पास सहित कुल 19 हथिया नाले हैं।

क्या कहते हैं मेयर
इस बाबत मेयर सीमा साहा ने कहा कि हथिया नाले की उड़ाही करने के लिए सरकार की तरफ से 15 मई को पत्र आया है। पत्र के आलोक में काम शुरू हुआ, लेकिन तब तक बारिश शुरू हो गई, इसलिए उड़ाही का काम बंद हो गया, लेकिन जलनिकासी का कार्य अभी भी चल रहा है। भोलानाथ पुल के पास हुए जलजमाव के सवाल पर उन्होंने कहा कि बारिश होने पर वहां जलजमाव जरूर हो जाता है, लेकिन एक घंटे में नगर निगम की मशीन से पानी निकलवा दिया जाता है।

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