virender sehwag vs muralitharan: सचिन को गेंदबाजी करते हुए कभी डर नहीं लगा, वह आपको सहवाग की तरह नुकसान नहीं पहुंचा सकते थे: मुरलीधरन – i did not fear bowling sachin tendulkar because he could hurt me like virender sehwag could says legendary sri lankan off spinner muthiah muralidaran

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नई दिल्ली
श्रीलंका के महान गेंदबाज मुथैया मुरलीधरन ने दो बल्लेबाजों का नाम लिया है जिनके खिलाफ गेंदबाजी करना उन्हें चुनौतीपूर्ण लगता था। इसमें सचिन तेंडुलकर का नाम नहीं है। मुरलीधरन ने कहा कि मुश्किल मुख्य रूप से किसी खास दिन पर निर्भर करती है।

मुरलीधरन ने कहा कि कभी-कभी किसी बल्लेबाज का दिन होता था और वह हमारे खिलाफ रन बनाता था। उन्होंने ईएसपीएन क्रिकइंफो के साथ बातचीत में कहा कि उन्होंने कहा कि वीरेंदर सहवाग और ब्रायन लारा दो ऐसे बल्लेबाज थे जिन्हें गेदबाजी करना उन्हें मुश्किल लगता था। उन्होंने कहा, ‘सहवाग इसलिए क्योंकि वह अच्छे से समझता था कि वह मैं क्या गेंदबाजी कर रहा हूं।’

उन्होंने आकाश चोपड़ा के साथ बातचीत में कहा, ‘आपने उस दिन बताया था कि वीरेंदर गेंद को पढ़ नहीं पा रहे थे लेकिन अलग स्टाइल में खेल रहे थे जो उनके लिए काफी फायदेमंद था।’

इसके अलावा उन्होंने ब्रायन लारा का नाम लिया। उन्होंने कहा कि ब्रायन लारा ने एक बार सिंहली स्पोर्ट्स क्लब पर कमाल की पारी खेलते हुए दोहरा शतक लगाया था लेकिन वेस्टइंडीज की टीम पारी से हार गई थी। उन्होंने लारा की तारीफ करते हुए कहा, ‘ब्रायन बहुत आसानी से खुद को एजस्ट कर लेते थे। कैसी भी गेंद हो वह अच्छी पोजीशन में आकर खेलते थे।’

उन्होंने सहवाग के बारे में कहा कि वह काफी आक्रामक थे। उन्होंने कहा, ‘हम सहवाग के लिए डिफेंसिव फील्ड रखते थे और उसी में उन्हें आउट करने की कोशिश करते थे। लेकिन सहवाग यह सोचते थे कि अगर वह 2 घंटे क्रीज पर टिक गए तो 150 रन बना देंगे। और अगर वह पूरा दिन खेल जाएं तो 300 रन बना जाएं। वह इसी नजरिए के साथ उतरते थे।’

मुरली ने कहा, ‘सहवाग शतक के बारे में नहीं सोचते थे। वह 98 के स्कोर पर भी सिक्स मारने की कोशिश करते थे। वह आक्रामक बल्लेबाजी ही करना पसंद करते थे।’

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सचिन को आउट करना बहुत मुश्किल, पर वह नुकसान नहीं पहुंचा सकते थे
मुरलीधरन ने सचिन के बारे में कहा कि उन्हें गेंदबाजी करते हुए कोई डर नहीं था। उन्होंने कहा, ‘सचिन महान बल्लेबाज थे लेकिन उन्हें गेंदबाजी करते हुए डर नहीं लगता था क्योंकि वह आपको नुकसान नहीं पहुंचा सकते थे। लेकिन सहवाग आपको नुकसान पहुंचा सकते थे। हां, सचिन को आउट करना बहुत मुश्किल था। क्योंकि वह अपना विकेट बचाकर रखते थे। वह गेंद को अच्छे से समझते थे।’

सहवाग ने कहा था सिर्फ मुरली से लगता था डर
वहीं दूसरी ओर वीरेंदर सहवाग ने कहा था कि उन्हें सिर्फ एक ही गेंदबाज से डर लगता था और वह मुरलीधरन थे। उन्होंने कहा कि मुरलीधरन की गेंदबाजी समझने में उन्हें काफी परेशानी होती थी।

‘ऑफ स्पिन थी सचिन की कमजोरी’
मुरलीधरन ने कहा, ‘मुझे ऐसा लगता है कि सचिन तेंडुलकर ऑफ स्पिन के खिलाफ थोड़ा संघर्ष करते थे। यह उनकी कमजोरी थी। लेग स्पिन को वह बहुत खुलकर खेलते थे लेकिन ऑफ स्पिन वह इतना अधिक सहज नहीं थे। क्योंकि मैंने भी उन्हें कई बार आउट किया है। इसके अलावा कम प्रतिभाशाली ऑफ स्पिनर्स ने भी उन्हें आउट किया है। हालांकि मैंने उनसे इस बारे में कभी पूछा नहीं क्योंकि वह महान खिलाड़ी हैं और मैं उनसे यह नहीं पूछ सकता। लेकिन मुझे लगता है कि ऑफ स्पिन के खिलाफ उनकी थोड़ी कमजोरी थे।’

‘सचिन पढ़ लेते थे दूसरा’
मुरलीधरन से जब पूछा गया कि उनका ‘दूसरा’ कौन सबसे अच्छा पढ़ लेते थे तो उन्होंने सचिन का नाम लिया। उन्होंने कहा कि सचिन बेशक इसे अच्छी तरह समझते थे। हालांकि मुरलीधरन की नजर में राहुल द्रविड़ दूसरा को नहीं समझ पाते थे। टेस्ट क्रिकेट में 800 विकेट लेने वाले इकलौते गेंदबाज ने कहा कि वीवीएस लक्ष्मण और गौतम गंभीर भी दो ऐसे बल्लेबाज थे जो दूसरा को समझ लेते थे। वहीं वीरेंदर सहवाग के बारे में उन्होंने कहा कि वह कभी पढ़ लेते थे और कभी नहीं लेकिन उनकी तकनीक पूरी तरह अलग थी।

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