Uttarakhand News: उत्तराखंड में बंगाली लोगों को अब नहीं लिखा जाएगा ‘पूर्व पाकिस्तानी’, चुनाव से पहले पुष्कर धामी सरकार का बड़ा फैसला – bengali in uttarakhand will no longer be written as migrated from east pakistan

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हाइलाइट्स

  • उत्तराखंड में बंगाली समुदाय के लोगों को ‘पूर्व पाकिस्तानी’ नहीं लिखा जाएगा
  • 60 साल से बंगाली समुदाय के लोगों को लिखा जाता था पूर्वी पाकिस्तान से विस्थापित
  • जाति प्रमाण पत्र में अब पूर्वी पाकिस्तान की बजाय लिखा जाएगा पूर्वी बंगाल से विस्थापित

करन खुराना, देहरादून
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। इन सब फैसलों में सबसे महत्वपूर्ण फैसला बंगाली समुदाय के लिए लिया गया है। 60 साल से पूर्वी पाकिस्तानी होने का ठप्पा झेल रहे बंगाली समुदाय के लोगों को सीएम ने बड़ा तोहफा दिया है। ताजा फैसले के तहत उनके ऊपर से यह ठप्पा सोमवार को हटा दिया गया। उन्हें अब पूर्व पाकिस्तानी नहीं लिखा जाएगा।

उधमसिंह नगर में तकरीबन पौने तीन लाख बंगाली समुदाय के लोग निवास कर रहे हैं लेकिन इन लोगों के जाति प्रमाण पत्र में पूर्वी पाकिस्तानी से विस्थापित लिखा जाता है। सोमवार को यह फैसला लिया गया कि अब यह शब्द नहीं लिखा जाएगा बल्कि इसकी जगह पर अब जाति प्रमाण पत्र में पूर्वी बंगाल से विस्थापित लिखा जाएगा। बंगाली समुदाय इस शब्द को हटाने की मांग लंबे समय से करता आ रहा था। माना जा रहा है कि धामी सरकार ने विधानसभा चुनाव से 6 महीने पहले यह महत्वपूर्ण फैसला देकर चुनाव के लिए एक बड़ा फायदा उठा लिया है।

उधमसिंह नगर किसान बाहुल्य होने के नाते भारतीय जनता पार्टी के लिए मुसीबत का सबब बना हुआ था लेकिन धामी सरकार के इस फैसले ने पार्टी को बड़ी राहत दी है।

धामी सरकार के अन्य महत्वपूर्ण फैसले
– लेखा ऑडिट संबंधित मामले को डिफर किया गया है।
– डेरी विकास अधीनस्थ सेवा का किया गया गठन।
– बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम के मास्टर प्लान के लिए पीएमसी के गठन का लिया गया निर्णय।
– बद्रीनाथ में फेस वन के तहत होने वाले कार्य के लिए 9 सरकारी कार्यालय प्रभावित हो रहे हैं जिसके ध्वस्तीकरण करने का मंत्रिमंडल ने निर्णय लिया है।
– उत्तराखंड नगर निकाय प्राधिकरण के अतिक्रमण के लिए, लिए गए फैसले को अब 6 सालों तक बढ़ाया गया।
– राजकीय नर्सिंग विद्यालय, बाजपुर में 70 पदों को सृजित किए जाने पर मंत्रिमंडल ने लगाई मुहर।
– हिमालयन गढ़वाल विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन करते हुए महाराणा अग्रसेन हिमालयन गढ़वाल विश्वविद्यालय करने का निर्णय लिया है।
– विश्वविद्यालय में मौजूद 4 तरह के अस्थाई अध्यापकों के सभी को ₹35000 देने का निर्णय।
– उधमसिंह नगर में स्थित 200 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर पावर यूनिट को स्थापित करने का लिया गया निर्णय।
– उत्तराखंड अधीनस्थ चयन सेवा आयोग में समीक्षा अधिकारी और वैक्त्विक सहायक सम्मिलन सेवा नियमावली को मंजूरी।
– जोशीमठ में बनने वाले एसटीपी प्लांट के निर्माण के लिए जमीन खरीदने की मिली मंजूरी।
– 2021-22 में आवंटित 622 शराब की दुकानों में से 25 शराब की दुकानों का आवंटन नहीं हो पाया था, जिसके लिए अधिभार को 50 फीसदी कर दिया गया है।
– विद्युत अधिनियम नियमावली में किया गया संशोधन।
– कोविड की वजह से उपजी स्थितियो को देखते हुए 16 करोड़ 17 लाख रुपये देने का निर्णय लिया है।
– विधवा पेंशन पात्र महिलाओं की बेटियों की शादी के लिए सहायता राशि देने के लिए, क्राइटेरिया सालाना आय को 15000 से बढ़ाकर 48000 कर दिया गया है।
– उत्तराखंड जीएसटी को पुनर्स्थापित करने का लिया गया निर्णय।
– वाणिज्य विवादों के लिए कमर्शियल बोर्ड को कुमाऊं मंडल के हल्द्वानी में स्थापित करने का लिया गया निर्णय।

पुष्कर सिंह धामी

पुष्कर सिंह धामी



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