One villager killed in IED blast in Gumla | मवेशियों को लेकर जंगल से वापस लौटते वक्त चरवाहे का पैर IED पर पड़ा, अगले दिन पुलिस ने शव किया बरामद

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गुमला5 घंटे पहले

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बुधेश्वर नागेसिया उर्फ बुधु। (फाइल)

लोहरदगा-गुमला जिला के सीमांत से सटे जुड़वानी के करमदारा जंगल में बुधवार की देर शाम IED ब्लास्ट से बुधेश्वर नगेसिया उर्फ बुधु (43) की मौत हो गई। वह जुड़वानी गांव का रहने वाला था। इस ब्लास्ट में उसके मवेशियों की भी मौत हुई है। IED ब्लास्ट की इस घटना की एसपी डॉक्टर एहतेशाम वकारीब ने भी पुष्टि की है। इधर, गुरुवार की सुबह पुलिस जंगल में पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया।

दरअसल, बुधवार को अहले सुबह बुधेश्वर नगेसिया अपने मवेशियों को साथ लेकर जंगल की ओर चराने गया हुआ था। देर शाम के करीब चार बजे मवेशियों को लेकर अपने घर की ओर लौट रहा था। इसी दौरान नक्सलियों द्वारा अपनी सुरक्षा को लेकर जंगल में बिछाए गए IED के ऊपर एकाएक उसका पैर पड़ गया और जोरदार विस्फोट हुआ। इस ब्लास्ट में बुधेश्वर के शरीर के परखच्चे उड़ गए। मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

इधर, IED ब्लास्ट की आवाज सुनने के बाद ग्रामीण जंगल की ओर पहुंचे। तभी देखा कि जंगल में IED ब्लास्ट हुआ है। इसकी चपेट में आने से बुधेश्वर की मौत हो गई है। इसके बाद ग्रामीणों ने घटना की सूचना विशुनपुर पुलिस को दी। विशुनपुर पुलिस ने घटना की सूचना जिले के वरीय अधिकारियों को दी। दूसरे दिन गुरुवार को पुलिस जंगल में पहुंची और शव को पोस्टमाॅर्टम के लिए सदर अस्पताल भिजवाया।

पुलिस को जानकारी देते मृतक के परिजन।

पुलिस को जानकारी देते मृतक के परिजन।

नक्सली जंगलों में लैंड माइंस बिछा रखा है
नक्सलियों ने अपनी सुरक्षा के लिए जंगलों में लैंड माइंस बिछा रखा है। लेकिन लैंड माइंस की चपेट में पुलिस और ग्रामीण आ रहे हैं। हाल के दिनों में लोहरदगा और गुमला जिले के जंगलों में IED विस्फोट की छह से अधिक घटनाएं से हो चुकी है। इनमें एक जवान और तीन ग्रामीणों की मौत हुई है। जबकि दो जवान और ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

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