Muzaffarpur Banking Fraud Case; Police reached bank with bank worker, SSP recreated crime scene, fifth accused also arrested, got information about eight more accounts | बैंककर्मी को लेकर बैंक पहुंची पुलिस, SSP ने क्राइम सीन कराया रिक्रिएट, पांचवां आरोपित भी गिरफ्तार, आठ और खातों की मिली जानकारी

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पटना30 मिनट पहले

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बैंक में छानबीन करते SSP।

बिहार के सबसे बड़े चार करोड़ से रुपए से अधिक के बैंकिंग फ्रॉड मामले की जांच में परत दर परत नया खुलासा हो रहा है। इसी कड़ी में शनिवार को इस केस के गिरफ्तार बैंककर्मी नितेश सिंह को गोबरसही साइंस कॉलेज स्थित PNB शाखा में पहुंचे। SSP जयंतकांत के साथ SDO पूर्वी डॉ. कुंदन कुमार, टाउन DSP रामनरेश पासवान समेत पूरी पुलिस फोर्स मौजूद थी। SSP ने नितेश से क्राइम सीन रिक्रिएट कराया। उसने अपने कंप्यूटर पर बैठकर सिस्टम को चालू किया। फिर बारीकी से एक-एक स्टेप करके बताया कि वह कैसे ग्राहकों की जानकारी लीक करता था।

बताया कि सिस्टम में सभी ग्राहकों का अलग-अलग डाटा है। इसमे व्यवसाई का अलग, पेंशनर का अलग, सर्विस मैन का, इंजीनियर का और प्रोफेसर, डॉक्टर का अलग-अलग डाटा सुरक्षित है। इसमें से वह पेंशनर और प्रोफ़ेसर के खातों की डिटेल्स पहले निकालता था। एक-एक ग्राहक को वह टारगेट करता था। फिर देखता था कि उसके खाते में कितने रुपये हैं। अधिक रुपये होने पर उस ग्राहक का पूरा डिटेल्स निकाल लेता था। फिर इसे मोहम्मद जफर को देता था। इसके आगे का काम जफर करता था। जफर उस ग्राहक का फर्जी आधार कार्ड तैयार करता था। फिर सिम स्वैप करता है। PNB का एप डाउनलोड कर आधार संख्या और बैंक एकाउंट नम्बर डालता था। इसके बाद खाता से रुपया निकालकर पश्चिम बंगाल के समीर दास द्वारा बताए एकाउंट में ट्रांसफर करता था।

बिहार के सबसे बड़े ऑनलाइन बैंक फ्रॉड का खुलासा

बॉक्स पर दवा कम्पनी का नाम लिखकर भेजता था

समीर वहां से एक बॉक्स में उस रुपए में से 50 परसेंट बस में रखकर भेजता था। बस जब बैरिया स्टैंड पहुंचती थी तो जफर उस रुपये वाले बॉक्स को उतार लेता था। कई बार हवाला के माध्यम से भी रुपये भेजता था। बॉक्स को अच्छे से पैकिंग करता था और इसपर मेडिकल इंस्ट्रूमेंट्स या किसी दवा कम्पनी का नाम लिखकर भेज देता था। जिससे किसी को सन्देह नहीं होता है।

तीन दिन की रिमांड पर है आरोपित

बैंककर्मी नितेश सिंह, मंजय, राजेश और जफर तीन दिनों के पुलिस रिमांड पर है। शनिवार शाम रिमांड अवधि समाप्त होने पर चारो को जेल भेजा जाएगा। कोर्ट से आदेश मिलने के बाद चारों को टाउन थाना की पुलिस ने रिमांड पर लिया था। इसके बाद अन्य खातों के सम्बंध में पूछताछ की गई।

उत्तर प्रदेश के 8 और खाते मिले

बिहार, पश्चिम बंगाल के बाद अब और आठ खाता की जानकारी मिली है। जिसमे फ्रॉड के रुपये को ट्रांसफर किया जाता है। यह खाता उत्तर प्रदेश का है। इसमे भी एक करोड़ रुपये से अधिक का ट्रांजैक्शन किया गया है। इस खातों के पूरा डिटेल्स पुलिस खंगालने में जुट गई है। इससे पहले 22 घोस्ट एकाउंट और 40 से अधिक फर्जी खाता मिला था। करीब 90 लाख रुपए फ्रीज़ किये गए हैं और 10 लाख रुपये कैश बरामद हुए थे।

पांचवा आरोपित भी गिरफ्तार

रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू हुई तो एक और आरोपित के बारे में जानकारी मिली। सदर थाना क्षेत्र के अतरदह का कुंदन कुमार भी इसी गिरोह का गुर्गा है। वह ग्रिल की दुकान चलाता है। गिरफ्तार राजेश से उसका सम्पर्क था। इसके बाद वह भी इस गिरोह के सम्पर्क में आकर काम करने लगा। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर दिया। जेल भेजने की कवायद की जा रही है। पुलिस को आधा दर्जन फर्जी आधार कार्ड समेत अन्य सामान बरामद हुए है।

वजफ और बब्बू बने बीच की कड़ी

इस मामले में जिले के मोतीपुर का वजफ और दरभंगा का बब्बू बीच की कड़ी बना है। जफर और नितेश को पश्चिम बंगाल के समीर दास और सादिक तक पहुंचाने का काम बब्बू और वजफ ने ही किया था। ये दोनों पहले पश्चिम बंगाल में रहते थे। वहीं पर समीर से पहचान हुई थी। वापस आने के बाद जफर के सम्पर्क में दोनों आये। फिर एक-एक कर एक दूसरे से जुड़ते चले गए। बब्बू और वजफ फरार हैं। दोनों के पश्चिम बंगाल में छुपे होने की सूचना पर पुलिस की एक टीम वहां रवाना होने की कवायद में जुट गई है।

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