Jamshedpur: Director of 111 Save Life Nursing Home, Dr. OP Anand got angry, said – If the patients were not considerate, then such a minister and the investigation team beat them up | 111 सेव लाइफ नर्सिंग होम के संचालक डाॅ. ओपी आनंद को आया गुस्सा, बोले- मरीजों का लिहाज कर गया नहीं तो ऐसे मंत्री और जांच टीम को दौड़ा-दौड़ाकर पीटता

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जमशेदपुर3 घंटे पहले

स्वास्थ्य विभाग की 3 सदस्यीय टीम नर्सिंग होम जांच करने पहुंची थी।

स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के आदेश पर शनिवार की दोपहर आदित्यपुर की 111 सेव लाइफ नर्सिंग होम पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम देख नर्सिंग होम के संचालक डाॅ. ओपी आनंद नाराज हो गए। मीडिया से बातचीत में कहा – अस्पताल में कोविड के 7 और वेंटिलेटर पर दो मरीजों का इलाज चल रहा है। मैं इसका लिहाज कर गया। नहीं तो ऐसे मंत्री और जांच टीम को दौड़ा-दौड़ाकर पीटता। डाॅ. आनंद यहीं नहीं रुके, बोले- मंत्री ने यह कराकर बहुत गलत किया है। क्योंकि डाॅ. ओपी आनंद को जानने वाले यह अच्छी तरह से जानते हैं कि मरीजों के इलाज में डाॅ. आनंद किसी नियम कानून को नहीं मानता है।

उन्होंने सवाल किया जब मंत्री, नेता के इलाज पर सरकार करोड़ों रुपए खर्च करती है तो फिर आम लोगों के इलाज के लिए किस आधार पर सात हजार रुपए रेट तय किया है। जो रेट तय किया है, उसकी कोई जानकारी अस्पताल को नहीं दी है। जो टीम आई है, उनके द्वारा भी सरकार द्वारा तय रेट की चिट्ठी नहीं दी है।

मामले की जांच करने पहुंचे प्रभारी सिविल सर्जन डॉक्टर वरियल मार्डी ने कहा- स्वास्थ्य मंत्री को नर्सिंग होम द्वारा कोविड मरीजों से मनमानी पैसा लेने की कई शिकायत मिली थी। इसको लेकर मंत्री ने मामले की जांच कर शनिवार तक रिपोर्ट देने का आदेश दिया था। 3 सदस्यीय टीम नर्सिंग होम जांच करने पहुंची। जांच में वहां 8 मरीज भर्ती थे, जिसमें कोविड के 7 और कैंसर का एक मरीज था। लेकिन जांच में संचालक डाॅ. आनंद ने असहयोग किया और अड़ियल रवैया दिखाया।

वहीं, अवैध वसूली के बारे में मरीजों के परिजनों से पूछताछ की तो अस्पताल प्रबंधन ने किसी मरीज के परिजन को टीम से बात नहीं कराई। जांच में अस्पताल में अग्निशमन की एनओसी, प्रदूषण का सर्टिफिकेट, दर तालिका जैसी कई कमियां मिली हैं। मौके पर डॉ. अनिर्बन महतो व घनपत महतो शामिल थे। प्रभारी सीएस ने कहा – रिपोर्ट तैयार कर स्वास्थ्य मंत्री को भेजा है। अब अगले आदेश अनुसार आगे की कार्रवाई होगी। मामले में प्रशासन द्वारा की कार्रवाई पर जिले के डीसी अरवा राज कमल से बात करने की कोशिश की गई, पर संपर्क नहीं हो सका। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने खबर लिखे जाने पर कोई लिखित शिकायत नहीं की है।

महामारी में मरीजों के इलाज की व्यवस्था करना पहली प्राथमिकता : स्वास्थ्य मंत्री
मुझे कौन गाली दे रहा है और मारने की बात कर रहा है, मेरे लिए यह कोई मुद्दा नहीं है। फिलहाल मेरी प्राथमिकता आम लोगों को सरकार द्वारा तय नियम के तहत महामारी में मरीजों के इलाज की व्यवस्था करना है। मैं इसके लिए प्रयास कर रहा हूं। जमशेदपुर के उमा हाॅस्पिटल व आदित्यपुर के 111 सेव लाइफ नर्सिंग होम मरीजों से अधिक पैसा ले रहे हैं, ऐसी शिकायत मुझे लगातार मिल रही थी। इसलिए टीम को जांच के लिए भेजा था। अभी सीएस की रिपोर्ट नहीं देखा है। वैसे कहीं कोई मनमानी कर रहा है और महामारी को अवसर के रूप में देख रहा है तो संबंधित जिले के डीसी निश्चित रूप से उचित कार्रवाई करेंगे। -बन्ना गुप्ता, स्वास्थ्य मंत्री, झारखंड सरकार

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