haldwani jail prisoner death: हल्द्वानी जेल में एक और कैदी की मौत से हड़कंप, परिवार ने लगाया कारागार में हत्या करने का आरोप – one more prisoner death in haldwani jail family accuses of murder

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विनिता कुमार, हल्द्वानी
उत्तराखंड के हल्द्वानी जिले के उपकारागार में एक के बाद एक कैदी की हो रही रहस्यमयी मौतों ने जेल प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कैदी प्रवेश कुमार की मौत प्रकरण में हाई कोर्ट उत्तराखंड ने सीबीआई जांच का आदेश दिया था। साथ ही नैनीताल की एसएसपी और हल्द्वानी के पुलिस क्षेत्राधिकारी और जेल में तैनात बंदी रक्षकों के स्थानांतरण के आदेश भी जारी किए गए थे। इस बीच जेल में एक और कैदी की मौत ने हंगामा खड़ा कर दिया है।

मृतक के परिजन की शिकायत पर पुलिस ने जेल के अज्ञात बंदियों और बंदीरक्षकों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। मृतक के पिता ने आरोप लगाया है कि उसके बेटे को जेल के बंदियों और बंदीरक्षकों ने मिलकर मार डाला है और झूठ बोला जा रहा है कि इरशाद बीमार था। मिली जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के अहमदाबाद बिलासपुर निवासी इरशाद को बीते 25 मई को रुद्रपुर पुलिस ने धारा 307, 504, 506 के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

इसके बाद 11 जुलाई को उसकी सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) में इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक इरशाद के पिता इशाक अली ने हल्द्वानी एसएसपी को पत्र भेजकर आरोप लगाया था कि वह 9 जुलाई को बेटे से मिलने के लिए जेल आए थे। जहां उस समय ड्यूटी पर मौजूद सिपाही ने उन्हें मिलने नहीं दिया और वहां से भगा दिया। जेल से 12 जुलाई को फोन के माध्यम से सूचना दी गई कि 11 जुलाई को सुशीला तिवारी अस्पताल में उनके बेटे इरशाद की मौत हो गई है। उन्होंने जेल प्रशासन पर आरोप लगाया कि इससे पहले कभी भी उनके बेटे की बीमारी की जानकारी उन्हें नहीं दी गई।

अली ने एसएसपी को भेजे पत्र में कहा कि उनके बेटे की हत्या जेल में करने के बाद बीमारी की मनगढ़ंत कहानी बनाई गई है। वहीं उन्हें बेटे की मौत से संबंधित कोई कागज नहीं दिया गया है। इस मामले में हल्द्वानी कोतवाली पुलिस ने धारा 302 के तहत अज्ञात बंदीरक्षकों और बंदियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि हल्द्वानी जेल अधीक्षक सतीश सुखीजा ने बताया कि कैदी इरशाद से जेल में मारपीट का आरोप गलत है।

कैदी इरशाद टीबी का रोगी था और जेल के बंदीरक्षकों ने ही 10 जुलाई को उसकी तबीयत बिगड़ने पर एसटीएच में भर्ती कराया था। अगले दिन ईलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस दौरान अस्पताल में स्थित मेडिकल चौकी के पुलिसकर्मियों ने दो डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमॉर्टम का वीडियो भी करवाया है।



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