Govt puts curbs on export of COVID-19 rapid antigen testing kits | सरकार ने कोरोना वायरस रैपिड एंटीजेन टेस्टिंग किट के निर्यात पर रोक लगाई

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Photo:AP

सरकार ने कोरोना वायरस रैपिड एंटीजेन टेस्टिंग किट के निर्यात पर रोक लगाई

नयी दिल्ली: सरकार ने कई विशेषज्ञों की कोविड महामारी की संभावित तीसरी लहर की चेतावनी के बीच सोमवार को कोविड-19 रैपिड एंटीजन टेस्टिंग किट के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने एक अधिसूचना में कहा, “कोविड-19 रैपिड एंटीजन टेस्टिंग किट के निर्यात को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित श्रेणी में डाल दिया गया है।” निर्यातकों को प्रतिबंधित श्रेणी में शामिल चीजों के निर्यात के लिए डीजीएफटी से लाइसेंस या मंजूरी लेनी होती है। इस तरह के प्रतिबंधों का उद्देश्य किट की घरेलू उपलब्धता को बढ़ाना है।

कई विशेषज्ञ निकट भविष्य में देश में महामारी की संभावित तीसरी लहर की चेतावनी दे रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक देश में सोमवार को कोरोना वायरस के मामलों की संख्या बढ़कर 3,22,25,513 तक पहुंच गया जबकि इस महामारी से जान गंवाने वाले लोगों की संख्या 4,31,642 हो गई।

कोविड रोधी टीकों के परीक्षण के लिए एक और प्रयोगशाला को मंजूरी मिली

देश में टीकाकरण की गति बढ़ाने के प्रयास के तहत केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड-19 रोधी टीकों के परीक्षण एवं इन्हें जारी करने के लिए एक और प्रयोगशाला को मंजूरी प्रदान कर दी है। मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि कोविड रोधी टीकों के परीक्षण और इन्हें जारी करने के लिए केंद्रीय औषधि प्रयोगशाला (सीडीएल) के रूप में राष्ट्रीय पशु जैव प्रौद्योगिकी संस्थान को अधिसूचित किया गया है। 

बयान में कहा गया कि इससे पहले 28 जून 2021 को स्वास्थ्य मंत्रालय ने राष्ट्रीय कोशिका विज्ञान केंद्र (एनसीसीएस) पुणे को सीडीएल के रूप में अधिसूचित किया था। इसमें कहा गया कि इन दोनों प्रयोगशालाओं को सीडीएल के रूप में अधिसूचित करने से टीका उत्पादन में वृद्धि होगी और टीकाकरण अभियान में मजबूती आएगी।

 

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