Bihar Schools Reopen; Dainik Bhaskar Team At Notre Dame Academy, Know how was the children’s first day at school | छुट्टी के समय झूला झूलते नजर आए बच्चे, बोले- क्लास में साथ बैठकर पढ़ाई करने का अपना ही मजा है

0
0

  • Hindi News
  • Local
  • Bihar
  • Bihar Schools Reopen; Dainik Bhaskar Team At Notre Dame Academy, Know How Was The Children’s First Day At School

पटना44 मिनट पहलेलेखक: प्रणय प्रियंवद

  • कॉपी लिंक

नोट्रेडेम स्कूल छुट्‌टी के समय आपस में बातचीत करती बच्चियां।

सोमवार को जब बच्चों के स्कूल खुले तो बच्चों का उत्साह देखते ही बना। दैनिक भास्कर ने नोट्रेडेम स्कूल का जायजा लिया। वहां की बच्चियां छुट्टी के समय झूला झूलती नजर आई। एक स्टूडेंट मरीना ने कहा कि स्कूल तो खुल गए हैं, हमें अजीब लग रहा है, नोट्स तो हमने बनाया नहीं है। कैंटीन बंद होने की वजह से बहुत दुख हो रहा है। ठंडा -ठंडा पानी भी पीने के लिए नहीं मिल रहा है। हमें फैसिलिटी दिलाइए भाई।

एक स्टूडेंट ने बताया कि बहुत दिनों बाद ऑफलाइन क्लास करने का मौका मिला। इसके लिए हम लोग बहुत इंतजार कर रहे थे। क्लास में साथ बैठकर पढ़ाई करने का अपना ही मजा है। दूसरी स्टूडेंट ने बताया कि पूरा कोरोना काल बहुत मुश्किल से बीता है। बहुत डर और भय के साथ हम लोग घर में रहे। अब करोना कम हुआ है तो हम लोग स्कूल पहुंचे हैं।

ऑनलाइन पढ़ाई से सिलेबस कंप्लीट नहीं हो पा रहा था

एक स्टूडेंट ने कहा कि कोरोना की वजह से कैंटीन बंद है। यह अच्छी बात है। अगर कैंटीन खुलेगा तो करो ना गाइडलाइन का पालन नहीं हो पाएगा। उसने बताया कि हमारे स्कूल में कोरोना गाइड लाइन का पूरी तरह से पालन हो रहा है। हम लोग घर से टिफिन भी ला रहे हैं। जान्हवी नाम की स्टूडेंट ने बताया कि ऑनलाइन पढ़ाई करने से सिलेबस सही समय पर कंप्लीट नहीं हो पा रहा था और पढ़ाई में भी कई तरह की दिक्कतें आ रही थी। अब स्कूल आने से सब कुछ नॉर्मल हो जाएगा।

पेरेंट्स बोले- क्लास में फिजिकल उपस्थित होने से अच्छा रहता है

भास्कर ने कुछ पेरेंट्स से भी बात की। राजेश कुमार ने बताया कि स्कूल बंद थे तो स्कूल का कॉपरेशन अच्छा रहा। क्लास में फिजिकल उपस्थित होने से अच्छा रहता है। उन्होंने कहा कि अभी भी बच्चे को स्कूल भेजने में रिस्क लग रहा है। लेकिन पढ़ाई भी जरूरी है इसलिए इसको लेकर आए हैं। पेरेंट्स अस्मिता मिश्रा ने बताया कि कोरोना काल में भी बेटी ने अच्छे से पढ़ाई की और अभी स्कूल शुरु हो गया तो स्कूल भी आना शुरू कर दिया है। स्कूल खुलने से यह हुआ कि बच्चों की एक्स्ट्रा एक्टिविटी शुरू हो गई यह बहुत जरूरी है। काफी दिनों बाद स्कूल खुलने के बाद ज्यादातर पेरेंट्स बच्चे को खुद लेकर आए थे। कुछ ही बच्चे ऐसे थे जो पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आए। राजधानी के स्कूलों में मुश्किल से 25 परसेंट ही बच्चे पहले दिन स्कूल आए होंगे।

छुट्‌टी के बाद पानीपुड़ी खाते बच्चे।

छुट्‌टी के बाद पानीपुड़ी खाते बच्चे।

स्कूल बंद होने से ड्राइवरों को काफी नुकसान झेलना पड़ा

लोयला स्कूल के बच्चों को स्कूल पहुंचाने वाले ड्राइवर मुन्ना ने बताया कि पहले जिस तरह से रिजर्व ऑटो से बच्चे आते थे उस तरह से बहुत कम पेरेंट्स बच्चों को भेज रहे हैं। या तो पेरेंट्स खुद ही अपनी सवारी से बच्चे को लेकर आ रहे हैं या फिर पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल बंद होने से हम ड्राइवरों को काफी नुकसान झेलना पड़ा है। स्कूल खुलने के बाद सबसे दिलचस्प नजारा है यह दिखा कि छुट्टी होने पर कई स्टूडेंट ने स्कूल के बाहर गोलगप्पे का भी मजा लिया।

बिहार में कक्षा 1 से 8 तक के स्कूल खुले

खबरें और भी हैं…

.



Source link