मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सदस्यता पर कहा-सरकार गिरानी होती, तो फैसला सुना देता | Governor said- If the government had to be toppled, it would have pronounced the verdict, maybe a few atom bombs exploded in Jharkhand

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रांची4 घंटे पहले

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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सदस्यता के मामले में चुनाव आयोग से राज्यपाल ने दोबारा मंतव्य मांगा है। पत्रकारों के साथ बातचीत में राज्यपाल ने यह भी कहा है कि झारखंड में पटाखे बैन नहीं है, संभव है कि एकाध एटम बम फटे। इसके साथ ही एक बार फिर झारखंड में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

राज्यपाल रमेश बैस ने बुधवार को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा-अगर सरकार को अस्थिर करने की मंशा होती, तो चुनाव आयोग की सिफारिश पर निर्णय ले सकता था लेकिन नहीं चाहता था कि बदले की भावना या बदनाम करने के लिए मैं कार्रवाई करूं इसलिए चुनाव आयोग से दोबारा मंतव्य मांगा है।

राज्यपाल कर रहे हैं चुनाव आयोग के दूसरे मंतव्य का इंतजार
पत्थर खनन लीज मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की विधानसभा की सदस्यता को लेकर राज्यपाल ने कहा कि जबतक गवर्नर संतुष्ट नहीं होते तब तक फैसला लेना सही नहीं माना जाता चुनाव आयोग को सेकेंड ओपिनियन (दोबारा मंतव्य) के लिए राजभवन से पत्र भेजा गया है। जब सेकेंड ओपिनियन आ जाएगा इसके बाद तय करना है कि अब आगे क्या किया जा सकता है।

इस मामले पर राज्यपाल ने विस्तार से बात करते हुए बताया कि कैसे पद संभालने के साथ ही उन्हें खनन को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से संबंधित शिकायत मिली थी। चुनाव आयोग से संबंधित मामला था इसलिए चुनाव आयोग को पत्र भेजा गया। ओपिनियन के बाद गवर्नर बाध्य नहीं हैं कि कब आर्डर करें या आयोग ने जो मंतव्य भेजा है, उसका पालन करें। जबतक संतुष्टि नहीं होगी तबतक गर्वनर विचार कर सकता है।

झामुमो ने मांगी थी चुनाव आयोग के पत्र की कॉपी
राज्यपाल ने कहा, चुनाव आयोग की चिट्ठी राजभवन पहुंची और हलचल तेज हो गयी। घबराने की जरूरत नहीं है, मीडिया में कई प्रकार की अटकलें लगाई गई थी। झामुमो का प्रतिनिधिमंडल भी मिलने आया। आयोग के पत्र की कापी भी मांगी गई थी। ऐसा प्रावधान नहीं है कि आदेश की प्रतिलिपि उन्हें दी जाए। चुनाव आयोग ने भी इसकी कॉपी देने से इनकार कर दिया। गवर्नर संवैधानिक पद संभाल रहे हैं। राज्यपाल के अधिकार क्षेत्र में है और वे बाध्य नहीं हैं कि कब वे पत्र पर कार्रवाई करें।

झारखंड में बड़ा धमाका संभव

राज्यपाल ने सरकार को अस्थिर करने के सवाल पर कहा कि मैं संवैधानिक पद पर हूं और मुझे संविधान की रक्षा करना और उसके मुताबिक चलना है। दीवाली पर खूब पटाखे फूट रहे हैं। दिल्ली में पटाखों पर बैन है, लेकिन झारखंड में बैन नहीं है। हो सकता है कि एकाध एटम बम फटे।

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