भारतीयों के खिलाफ बोलने वाली सुएला दोबारा होम मिनिस्टर बनीं; आज संसद में विपक्ष का सामना करेंगे ऋषि | PM Rishi Sunak Cabinet Suella Braverman back as UK Home Secretary

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लंदन2 घंटे पहले

ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने अपनी कैबिनेट का ऐलान किया। मंत्रिमंडल में लिज सरकार में इंटीरियर मिनिस्टर रहीं भारतीय मूल की सुएला ब्रेवरमैन की वापसी हुई। उन्होंने दोबारा होम मिनिस्टर नियुक्त किया गया है। वह भारतीय मूल की हैं।

ब्रिटिश प्रधानमंत्री के रूप में सनुक का आज पहला दिन होगा। आज ही वो संसद में विपक्ष का सामना करेंगे। ऐसा माना जा रहा है कि ब्रिटेन में चल रही राजनीतिक उथल-पुथल के बाद ये संसदीय सत्र काफी हंगामेदार होगा।

प्रधानमंत्री के तौर पर ब्रिटेन की आर्थिक स्थिति सुधारना सुनक के लिए सबसे बड़ी चुनौती है।

प्रधानमंत्री के तौर पर ब्रिटेन की आर्थिक स्थिति सुधारना सुनक के लिए सबसे बड़ी चुनौती है।

6 दिन पहले ही सुएला ने इस्तीफा दिया था
लिज सरकार में 43 दिन होम मिनिस्टर रहीं सुएला ने 20 अक्टूबर को पद से इस्तीफा दे दिया था। भारत के खिलाफ बयान देने के बाद उनके इस्तीफे की खबरें सामने आई थीं। उन्होंने पिछले दिनों कहा था कि अगर भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट होता है तो इससे ब्रिटेन में प्रवासी बढ़ जाएंगे। ब्रिटेन के प्रवासी वीजा की समय सीमा खत्म होने के बाद भी नहीं जाते। भारतीयों के लिए इस तरह से सीमा नहीं खोली जानी चाहिए।

सुएला ने ब्रिटेन में बढ़ते क्राइम रेट और मजहबी हिंसा के लिए इमीग्रेंट्स को दोषी बताया था।

सुएला ने ब्रिटेन में बढ़ते क्राइम रेट और मजहबी हिंसा के लिए इमीग्रेंट्स को दोषी बताया था।

ब्रेग्जिट के सपोर्ट में थीं
BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रेवरमैन को ब्रिटेन में शरण लेने वालों को रवांडा भेजने की सरकारी योजना का जिम्मा सौंपा गया था। हालांकि, इस योजना को काफी कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। वह कंजर्वेटिव पार्टी के ब्रेग्जिट (यूरोप से ब्रिटेन के अलग होने) धड़े की समर्थक रहीं।

सुएला के इस्तीफे की वजह
सुएला ब्रेवरमैन पर गोपनीयता का उल्लंघन करने के आरोप थे। उन्होंने पर्सनल ई-मेल से एक सांसद को सरकारी दस्तावेज भेजे थे, जिसके बाद उन पर आरोप लगे। इसके बाद ब्रेवरमैन ने इसकी जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने सरकार की पॉलिसी मेकिंग स्ट्रैटेजी पर पिछले दिनों भी सवाल उठाए थे। सुएला ने कहा था- हमने शुरुआत में ऐसे वादे ही क्यों किए जो पूरे नहीं किए जा सकते थे। अब लोगों से हर बात पर माफी मांगना गलत है।

ब्रिटिश नागरिक हैं ब्रेवरमैन
बोरिस जॉनसन की सरकार में 42 साल की सुएला ब्रेवरमैन अटॉर्नी जनरल थीं। वे हिंदू-तमिल परिवार से हैं। हालांकि, उनके पेरेंट्स केन्या और मॉरिशस से ब्रिटेन आए थे। सुएला का जन्म 3 अप्रैल 1980 में लंदन में ही हुआ। उनकी परवरिश वेंबले में हुई और उनके पास ब्रिटिश नागरिकता है।

सुनक की कैबिनेट में कौन-कौन?

  • बोरिस जॉनसन सरकार में मंत्री रहे डॉमिनिक रॉब को उप प्रधानमंत्री और कानून मंत्री बनाया।
  • बेन वॉलेस डिफेंस मिनिस्टर बने रहेंगे।
  • लिज ट्रस सरकार में फाइनेंस मिनिस्टर रहे जेरेमी हंट को उसी पद पर बरकरार रखा। BBC के मुताबिक- फाइनेंस मिनिस्टर न बदलकर सुनक इन्वेस्टर्स को यह मैसेज देना चाहते हैं कि परेशान होने की जरूरत नहीं है, सरकार की नीतियों पर भरोसा रखें।
  • जॉनसन के समर्थक जेम्स क्लेवरली को फॉरेन मिनिस्टर बनाया गया है। जेम्स से भारत का ताल्लुक ज्यादा रहेगा।
सुनक को चुनौती देने वाली पेनी मॉरडॉन्ट को कैबिनेट में जगह नहीं मिली। ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमंस की स्पीकर पेनी मॉरडॉन्ट को सुनक का नंबर-2 माना जा रहा था।

सुनक को चुनौती देने वाली पेनी मॉरडॉन्ट को कैबिनेट में जगह नहीं मिली। ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमंस की स्पीकर पेनी मॉरडॉन्ट को सुनक का नंबर-2 माना जा रहा था।

क्या है फ्री ट्रेड एग्रीमेंट
भारत और ब्रिटेन के बीच दोतरफा व्यापार 4 लाख करोड़ रुपए का है। फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के बाद टैक्स में बड़ी राहत मिलेगी। ब्रिटेन ने 2004 में भारत के साथ एक रणनीतिक साझेदारी शुरू की थी। वह आतंकवाद, परमाणु गतिविधियों, और नागरिक अंतरिक्ष कार्यक्रम में भारत के साथ है।

ब्रिटेन में हैं 15 लाख भारतवंशी
ब्रिटेन में भारतीय मूल के 15 लाख लोग हैं, जो वहां की GDP में 6% का योगदान देते हैं। ब्रिटेन में करीब 1 लाख भारतीय छात्र पढ़ते हैं। ब्रिटेन और भारत के बीच बीते दो दशक में व्यापार 3 गुना बढ़ा है। बीते साल भारत ने 51,054 करोड़ का आयात किया, जबकि निर्यात 79,000 करोड़ रुपए रहा। सेवा क्षेत्र को मिलाकर कारोबार 3.81 लाख करोड़ रुपए है।

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