दलाई लामा की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई, SSP कुशाल शर्मा ने दी जानकारी | Chinese spy arrested, investigative agencies on alert, Dalai Lama’s security system increased, SSP Kushal Sharma informed

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धर्मशाला36 मिनट पहले

SSP डॉक्टर खुशाल शर्मा।

हिमाचल के धर्मशाला में तिब्बतियों के आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा की जासूसी का मामला सामने आने के बाद उनकी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में कथित संलिप्तता के आरोप में दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल द्वारा गिरफ्तार चीनी महिला काई रूओ और हिमाचल के मंडी के जोगिंदर नगर पुलिस द्वारा गिरफ्तार चौंतड़ा के चोंगसर तिब्बती बौद्ध मोनेस्ट्री से चीनी महिला गुआन रुईली को दलाई लामा की जानकारियां जुटाने के आरोपों की सुरक्षा एजेंसियों लगातार पूछताछ कर रही है। जिसके चलते दलाई लामा की सुरक्षा को बढ़ाया गया है।

दलाई लामा रहते हैं थ्री-लेअर सिक्योरिटी में

दलाई लामा की सुरक्षा की जिम्मेदारी भारतीय विदेश मंत्रालय व गृह मंत्रालय द्वारा मोनिटर की जाती है। वर्तमान में दलाई लामा की सुरक्षा तीन स्तरीय है, जिसमें हिमाचल पुलिस की द्वितीय सशस्त्र वाहिनी के DSP के अधीनस्थ 108 पुलिस कर्मचारी 24 घंटे दलाई लामा की सुरक्षा में तैनात हैं। इसके अतिरिक्त केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के सुरक्षा विभाग का सुरक्षा घेरा रहता है व केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी तैनात हैं। हर प्रवेश द्वार पर डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (स्कैनर) लगे हुए हैं, जहां से हर आगुन्तक की गहनता से जांच करने के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी जाती है।

इस पूरे परिसर में किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, मोबाइल फोन, बैग व अन्य सामग्री ले जाने पर प्रतिबंध है। दलाई लामा के अस्थायी निवास स्थान, चुग्लाखंग व नामग्याल बौद्ध मठ के लिए एक ही प्रवेश द्वार है, जहां पर हर आने-जाने वाले आगुन्तक की जांच की जाती है।

मैक्लोडगंज में मुख्य केंद्र

जिला कांगड़ा जो कि सेना की नौवीं कोर का मुख्यालय होने के साथ-साथ तिब्बत निर्वासित सरकार का मुख्यालय व मैक्लोडगंज स्थित दलाई लामा का अस्थायी निवास स्थान होने के चलते अति संवेदनशील है। केंद्रीय जांच एजेंसियां व गुप्तचर विभाग के लिए मुख्य निगरानी का केंद्र बन गया है। प्रशासन ने दलाई लामा की सुरक्षा के लिए पूरी व्यवस्था कर रखी है।

दलाई लामा 4वें तिब्बत राष्ट्राध्यक्ष और आध्यात्मिक गुरु

दलाई लामातेनजिन ग्यात्सो उर्फ 14वें दलाई लामा तिब्बत के राष्ट्राध्यक्ष और आध्यात्मिक गुरु हैं। उनका जन्म 6 जुलाई 1935 को हुआ था। जन्म के दो वर्ष बाद ही उन्हें 13वें दलाई लामा के टुल्कू के रूप में चुना गया था। साल 1939 में सार्वजनिक घोषणा के तहत औपचारिक रूप से 14वें दलाई लामा के रूप में मान्यता दी गई। 10 दिसंबर 1989 में उन्हें नोबल शांति पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।

SSP डॉ. खुशाल शर्मा ने दी जानकारी

SSP डॉ. खुशाल शर्मा ने बताया कि हाल ही में दिल्ली और मंडी पुलिस ने कुछ संदिग्ध पकड़े गए हैं। इससे पूर्व जिला कांगड़ा पुलिस ने भी चीनी नागरिक को पकड़ा था, जिसे कोर्ट के आदेशों पर डिपोर्ट कर दिया था। ऐसे सभी मामलों में समय-समय पर विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां इंटेलिजेंस इनपुट शेयर करते रहते हैं।

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